दस्तावेज़ मिलान जाँच
हम AIS, TIS, Form 26AS, और ब्रोकरेज स्टेटमेंट को एक साथ मिलाते हैं। इससे छूटी हुई बिक्री, दोहरी एंट्री, और गलत TDS लाइनें जल्दी पकड़ में आती हैं।
पूँजीगत लाभ, पूँजीगत हानि, और सही ITR फॉर्म का मिलान यहाँ साफ़ तरीके से होता है। भारत में अलग-अलग आय स्रोतों के साथ रिटर्न भरना आसान नहीं रहता, इसलिए हम हर चरण को सरल रखते हैं।
पूँजीगत लाभ और पूँजीगत हानि एक जगह मिलती है।
ITR-2 और ITR-3 का चयन साफ़ होता है।
AIS, TIS, और 26AS का मिलान आसान रहता है।
शेयर, फंड, और प्रॉपर्टी बिक्री अलग से नहीं उलझती।
भारत में अलग आय स्रोत वाले लोगों को सही फॉर्म मिलता है।
रिपोर्टिंग ग़लती कम होती है, इसलिए नोटिस का जोखिम घटता है।

कैपिटल गेन के लिए ITR फाइलिंग एक कर-रिटर्न सेवा है जो पूँजीगत लाभ दर्ज करती है। यह सामान्य ITR फाइलिंग से अलग है क्योंकि इसमें शेड्यूल CG और मिलान जाँच चाहिए। भारत में निवेशक और संपत्ति विक्रेता इसे इसलिए लेते हैं क्योंकि कर नियम सौदों के प्रकार पर बदलते हैं।
हम AIS, TIS, Form 26AS, और ब्रोकरेज स्टेटमेंट को एक साथ मिलाते हैं। इससे छूटी हुई बिक्री, दोहरी एंट्री, और गलत TDS लाइनें जल्दी पकड़ में आती हैं।
हम हर लेन-देन को शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म में रखते हैं। यह वर्गीकरण कर दर, हानि सेट-ऑफ, और रिटर्न शेड्यूल को प्रभावित करता है।
हम ITR-2, ITR-3, और संबंधित शेड्यूल को आय ढाँचे के हिसाब से चुनते हैं। इससे गलत फॉर्म भरने की दिक्कत कम होती है।
हम लाभ, हानि, इंडेक्सेशन, और TDS को आपस में जाँचते हैं। यह चरण अंतिम रिटर्न में गलत आंकड़े जाने से रोकता है।
ITRFiling.org.in हर कैपिटल गेन के लिए ITR फाइलिंग कार्य को एक ही मानक पर पूरा करता है—पहली पूछताछ से लेकर काम पूरा होने तक। यही बातें हमारी प्रक्रिया को दिशा देती हैं।
हर कैपिटल गेन के लिए ITR फाइलिंग मामले की अंतिम स्वीकृति से पहले हमारी अपनी जाँचों के अनुसार समीक्षा की जाती है, ताकि आपको वही मिले जो तय किया गया था।
हर चरण पर स्पष्ट दस्तावेज़ीकरण—हमने क्या जाँचा, क्या पाया, और आगे क्या होगा।
पूरी प्रक्रिया के दौरान समर्पित संवाद—आपकी पहली पूछताछ से लेकर कैपिटल गेन के लिए ITR फाइलिंग पूरा होने तक।
इन दस्तावेज़ों से कैपिटल गेन रिटर्न तेज़ और साफ़ बनता है।
चयन इस बात पर होता है कि व्यवसाय आय है या नहीं, और सौदे किस तरह के हैं।
क्या आपकी बिक्री, हानि, और फॉर्म चयन एक साथ मिल नहीं रहे? इस कैपिटल गेन के लिए ITR फाइलिंग पर बात करें और रिटर्न को साफ़ ढंग से आगे बढ़ाएँ।
अपने आईटीआर फाइलिंग में मदद लें और स्पष्ट, समय पर सहायता के साथ आगे बढ़ें।
भारत में किसी ने शेयर बेच दिए हैं, लेकिन टैक्स रिकॉर्ड अभी भी साफ़ नहीं बैठ रहा। ऐसे समय में हमें पहले AIS, 26AS, और ब्रोकरेज स्टेटमेंट का मिलान करना पड़ता है, ताकि गलत लाभ या छूटी हानि रिटर्न में न जाए। सही फॉर्म चुनना और शेड्यूल CG भरना अगले कदम होते हैं, क्योंकि छोटी गलती आगे नोटिस बना सकती है।
कई ग्राहक भारत में प्रॉपर्टी बिक्री या म्यूचुअल फंड रिडेम्प्शन के बाद यह जानना चाहते हैं कि दायरा कितना बनेगा। हम लेन-देन की प्रकृति, होल्डिंग अवधि, और उपलब्ध दस्तावेज़ देखकर फॉर्म और रिपोर्टिंग पाथ तय करते हैं। इससे शुरू करने से पहले ही तस्वीर साफ़ हो जाती है।
भारत में कुछ लोग खुद फाइल करने और पेशेवर मदद लेने की तुलना करते हैं, खासकर जब ट्रेड और संपत्ति दोनों शामिल हों। यहाँ फर्क अक्सर मिलान की गहराई और शेड्यूल CG की समझ में दिखता है, न कि सिर्फ़ रिटर्न जमा करने में। हम प्रक्रिया, दस्तावेज़, और रिपोर्टिंग की जाँच पहले रखते हैं।