1दस्तावेज़ इंटेक और मिलान मैट्रिक्स
पहले चरण में दस्तावेज़ इंटेक सूची बनती है, जिसमें बैंक स्टेटमेंट, GST रिकॉर्ड, PAN, और लाभ-हानि खाता जोड़े जाते हैं। यह मिलान मैट्रिक्स बताता है कि कौन सा आंकड़ा किस स्रोत से टिकता है, so आगे फॉर्म भरना अनुमान पर नहीं चलता।
2आय वर्गीकरण और फॉर्म मैपिंग
यह चरण आय के स्रोतों को व्यवसायिक आय, पेशेवर आय, ब्याज, या अन्य लागू वर्गों में रखता है। सही फॉर्म मैपिंग का तकनीकी उद्देश्य गलत ITR चयन और बाद की डेटा-असंगति को रोकना है।
3कटौती पात्रता जाँच सूची
कटौती जाँच सूची में हर दावा उसके सहायक कागज़ से जोड़ा जाता है। इससे ऐसे दावे अलग हो जाते हैं जो सुनने में सही लगते हैं but रिकॉर्ड पर टिकते नहीं, और रिटर्न ज्यादा बचावयोग्य बनता है।
4जमा-पूर्व अनुपालन समीक्षा
अंतिम समीक्षा में मुख्य आंकड़ों, व्यक्तिगत विवरण, कर भुगतान संदर्भ, और संलग्न रिकॉर्ड की एक-एक लाइन जाँची जाती है। इस तकनीकी जाँच का मकसद पोर्टल पर जमा के बाद उभरने वाली बुनियादी त्रुटियों को पहले रोकना है।