दस्तावेज़ मैपिंग और रिकॉर्ड सूची
पहला कदम दस्तावेज़ मैट्रिक्स बनाना होता है, जिसमें PAN, आधार, फॉर्म 16, AIS, TIS और बैंक ब्याज रिकॉर्ड जोड़े जाते हैं। यह सूची तुरंत दिखाती है कि कौन-सा डेटा मौजूद है और कौन-सा अभी चाहिए, so फाइलिंग बीच में नहीं अटकती।





